आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर छात्र नेता रोहित वेमुला की शहादत दिवस के रूप में स्मृति सभा आयोजित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रोहित वेमुला की संस्थानिक हत्या को दस वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन विश्वविद्यालय परिसरों में जातिगत भेदभाव और हिंसात्मक प्रवृत्तियों पर अब भी प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका है। उन्होंने चिंता जताई कि उच्च शिक्षण संस्थानों में वंचित समुदायों के छात्र आज भी भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न से जूझ रहे हैं।
आइसा रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि जातिगत भेदभाव के खिलाफ सभी विश्वविद्यालयों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। साथ ही छात्रों को उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने सभी शैक्षणिक संस्थानों में ‘रोहित वेमुला एक्ट’ को लागू करने की मांग दोहराई।
वहीं आरवाईए राज्य सचिव विनाश रंजन ने कहा कि जब छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन की मनमानी के खिलाफ अपनी बात रखते हैं, तो उन्हें दबाने के लिए अपमान और दमन के तरीकों का सहारा लिया जाता है, जिसके गंभीर परिणाम सामने आते हैं। कार्यक्रम में अविनाश रंजन, सत्य प्रकाश और राहुल कुमार उपस्थित रहे।

