ब्रिजफोर्ड स्कूल ,करमटोली,बरियातु ब्रांच का वार्षिकोत्सव मनाया गया।
उत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि – श्री मती राजेश्वरी बी ,आई ए एस, डायरेक्टर, पंचायती राज विभाग,झारखण्ड, विशिष्ट अतिथि श्री नरेश केजरीवाल, विद्यालय के चेयरमेन श्री नारायण जालान, वाईस चेयरपर्सन श्रीमती प्रियंका जालान, स्कूल प्रबंधन के सभी सदस्य और ब्रिजफोर्ड करमटोली की प्राचार्या रुचि साबू ने किया।
“प्रगति- ड्रीम्स इन प्रोग्रेस” थीम पर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों द्वारा दिव्य ज्योति, नृत्य के साथ स्वागत किया। प्री प्राइमरी के बच्चों ने ‘बबली बेस्टटीज’ पर थिरकते हुए अच्छे दोस्त असली खुशी की वजह बनते हैं के साथ सही दिनचर्या और रात में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वजह से अच्छे सपनो का न आना की सीख को एक ड्रामा के ज़रिए ‘द लॉस्ट ड्रीम्स’ द्वारा प्रस्तुत किया।
प्राचार्या श्रीमती रुचि साबू ने अपनी स्कूल रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि ब्रिजफोर्ड बच्चों में अनुशासन के साथ सर्वांगीण विकास करते हुए उनमें नैतिकता की भावना को विकसित करने पर ज़ोर देता है |
कक्षा एक ने ‘स्पार्कलिंग सितारे’ तथा दो ने ‘टाइमलेस ट्रेडिशन’ में डांस के ज़रिए अपने आत्मविश्वास को दिखाते हुए दक्षिण भारत की खुबसूरती को मस्ती भरे अंदाज में प्रस्तुत किया। कक्षा तीन ने रिद्मिक ड्रीमर्स डांस द्वारा सभी अभिभावकों का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के हाथों बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया। अमन प्रसाद महतो,आइजा आइमन,शिवन्या सिन्हा, श्रेया गुप्ता, अर्पणा झा, लक्ष्य सिंह, दिव्यानी सिंह ने जीता ऑल राउंडर स्टूडेंट्स ऑफ द ईयर।
वैश्नवी गुप्ता और अर्णव आर्या को मिला स्टार परफॉर्मर्स का खिताब।
गोल्डन एरा मेडले द्वारा ‘ख्वाहिश’ के माध्यम से पूरा हॉल आनंदित होकर झूम उठा।
कार्यक्रम के अंत में चौथी और पाँचवी के बच्चों ने ‘अ जर्नी ऑफ ड्रीम्स’ में सात महान व्यक्तित्व जिन्होंने अपने क्षेत्र में सुनहरे अक्षरों से नाम अंकित कर लिया को जीवंत करते हुए उनके संघर्ष की कहानी को अत्यंत मार्मिक ढंग से दर्शाया और कहानी को सुंदरता से मोड़ देते हुए दिखाया कि अभिभावक,विद्यार्थी और शिक्षक जब ये तीनो समानांतर चलते हैं तभी सपनों को पंख मिलता है और मंजिल। मैं बादलों से दूर जाऊंगी गीत पर सभी बच्चों की मंच पर उपस्थिति से पूरा हॉल ऊर्जावान हो उठा। तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे वातावरण को रोमांच और उत्साह से भर दिया।मुख्य अतिथि सहित सभी दर्शकों ने अंत में बच्चों को स्टैंडिंग ओवेशन दिया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चों के हुनर को पहचानकर उन्हें सराहना और उनको आगे बढ़ाने में हर एक माता-पिता को उनका समर्थन देना चाहिए। ज़िंदगी सिर्फ़ पढ़ाई में आगे बढ़ने की कहानी नहीं है। हमें बच्चों को खुलकर जीना तथा आगे आने वाली चुनौतियों का सकारात्मक सोंच के साथ सामना करने के लिए भी तैयार करना चाहिए। बच्चे सिर्फ सुन के नहीं, बल्कि माता पिता को देख कर ज़्यादा सीखते हैं।

