झारखंड के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों में प्रस्तावित रिस्ट्रक्चरिंग और क्लस्टरिंग सिस्टम के विरोध में छात्र संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है। गुरुवार को आइसा और आजसू छात्र संघ के कार्यकर्ताओं ने राँची स्थित चाणक्य बीएनआर होटल के बाहर प्रदर्शन कर राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
दरअसल, बीएनआर में आयोजित कुलपति सम्मेलन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए, जहां क्लस्टर सिस्टम को लेकर अहम बैठक चल रही थी। इसी दौरान छात्र संगठन सड़कों पर उतर आए और नई व्यवस्था का विरोध किया।
छात्रों का आरोप है कि सरकार बिना छात्रों और शिक्षकों से राय लिए क्लस्टरिंग सिस्टम को जबरन लागू करना चाहती है। उनका कहना है कि इस व्यवस्था से अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए छात्रों और शिक्षकों को कई कॉलेजों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित होगी।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने अधिकारियों को गुलाब फूल भेंट कर अपनी मांगों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। छात्र संगठनों ने मांग की कि रिस्ट्रक्चरिंग और क्लस्टरिंग सिस्टम को तत्काल वापस लिया जाए।
साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन और विश्वविद्यालयों में तालाबंदी की जाएगी।

