जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते की जमानत याचिका खारिज।
जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एवं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि ख्यांग्ते के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और छापेमारी के दौरान भी उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। वहीं, सीआईडी ने आरोप लगाया कि टीडीपीएल को परीक्षा आयोजन का जिम्मा सौंपने में ख्यांग्ते की महत्वपूर्ण भूमिका थी। एजेंसी के अनुसार, उन्हें परीक्षा में पारदर्शिता नहीं बरते जाने की जानकारी थी, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ख्यांग्ते पर टीडीपीएल से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप है। इसी मामले की जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर रिमांड पर पूछताछ की गई थी। मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीआईडी के अनुसार, मामले के कथित किंगपिन अभय तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान में भी एल ख्यांग्ते की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया है।

