32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (NCSC)-2026 के तहत जिला स्तरीय शॉर्टलिस्टिंग कार्यक्रम गुरुवार को संत जेवियर्स कॉलेज, राँची में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इसमें लगभग 25 स्कूलों के 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस वर्ष की थीम “सस्टेनेबिलिटी के लिए साइंस और इनोवेशन” के तहत छात्रों ने अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा, जल, खाद्य, कृषि एवं स्वास्थ्य तथा सतत विकास में भारतीय ज्ञान प्रणाली के उपयोग जैसे विषयों पर शोध एवं नवाचार प्रस्तुत किए।
उपायुक्त ने छात्रों को वैज्ञानिक जिज्ञासा, मौलिक सोच और रचनात्मकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग केवल सहायक उपकरण के रूप में होना चाहिए। आसान सवालों में भी गहरे वैज्ञानिक तथ्य छिपे हो सकते हैं।
कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल एवं भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. स्वरत चौधरी और आयोजन मार्गदर्शक डॉ. फादर अजय अरुण मिंज एस.जे. ने भी मौलिक विचारों और वैज्ञानिक जिज्ञासा के महत्व पर प्रकाश डाला।

छात्रों के शोध कार्यों और नवाचारी विचारों का मूल्यांकन विशेषज्ञों के पैनल ने किया। इसमें डॉ. एन.वी.ए. राव, डॉ. रितेश शुक्ला, डॉ. अनुपमा भार्गव, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. रेमन कुमार सिंह, बीआईटी मेसरा के डॉ. किंगशुक बोस, राँची वीमेंस कॉलेज की डॉ. श्रेया पांडे एवं डॉ. अमृता कुमारी, योगदा सत्संग के डॉ. संतोष सिंह, डॉ. दीपेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ. शिव शंकर प्रसाद और डॉ. राजीव रंजन श्रीवास्तव शामिल थे। चयनित छात्रों के नाम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए भेजे जाएंगे।

कार्यक्रम के अंत में जिला अकादमिक समन्वयक एवं कॉलेज के भौतिकी विभाग के डॉ. सुमित कुमार रॉय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन को सफल बनाने में राज्य समन्वयक डॉ. अतेंद्र कुमार, जिला समन्वयक डॉ. रवि कुमार, डॉ. मितेश चक्रवर्ती, डॉ. राजेश कुमार, श्रीमती स्वागता चक्रवर्ती, अरुणाभ मुखर्जी, राहुल सिंह, राकेश प्रसाद, किरीटी महतो, प्रवीण टोप्पो, बिपिन और अबनेर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। भौतिकी विभाग के छात्र स्वयंसेवकों ने भी आयोजन के समन्वय में अहम भूमिका निभाई।

