राँची जिला प्रशासन के जनता दरबार में सोमवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री सख्त तेवर में नजर आए। विभिन्न मामलों की सुनवाई के दौरान उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
नगड़ी अंचल से जुड़े एक मामले में एक ही प्लॉट पर दाखिल-खारिज को स्वीकृत और अस्वीकृत करने की शिकायत पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी को फटकार लगाई और संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज जारी कर आरोप पत्र तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर जिम्मेदार पदाधिकारी के खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी।
इसी अंचल के एक अन्य म्यूटेशन मामले को लंबे समय तक लंबित रखने पर अंचल अधिकारी, सीआई और संबंधित कर्मचारी तीनों से स्पष्टीकरण मांगा गया। उपायुक्त ने कहा कि पहले भी शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होना गंभीर लापरवाही है।
शिक्षा से जुड़े मामले में एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा सातवीं पास छात्र को रिपोर्ट कार्ड की जगह टीसी देने की शिकायत पर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को तुरंत हस्तक्षेप कर छात्र का भविष्य सुरक्षित करने का निर्देश दिया गया।
वहीं, धोखाधड़ी के एक मामले में मानसिक रूप से बीमार पति के नाम पर फर्जी बैंक खाता खोलने के आरोपी सरकारी शिक्षक के खिलाफ जांच के आदेश देते हुए उसके वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।
जनता दरबार में पहुंचे बुजुर्ग भोलाराम की पेंशन समस्या का ऑन-द-स्पॉट समाधान करते हुए आधार सीडिंग जल्द कराने के निर्देश दिए गए, ताकि रुकी हुई राशि उनके खाते में पहुंच सके।
इसके अलावा मंईयां सम्मान योजना से वंचित लाभुकों की शिकायतों पर भी संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर पहुंची एक छात्रा के मामले में भी उपायुक्त ने नियमानुसार उचित निर्णय का आश्वासन दिया।
उपायुक्त ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जनता दरबार आम लोगों की समस्याओं के समाधान का मजबूत माध्यम है और हर शिकायत का समयबद्ध व पारदर्शी निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है।

