मनरेगा कानून और उसके नाम में किए गए बदलाव के विरोध में प्रदेश कांग्रेस 5 जनवरी को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का आयोजन करेगी। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता राँची के बापू वाटिका, मोरहाबादी से लोक भवन तक पैदल मार्च करेंगे। यह जानकारी शनिवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने दी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना ग्रामीण भारत पर सीधा हमला है। पहले योजनाओं का चयन गांव स्तर पर होता था, लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा पंचायत और गांवों का चयन किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्वायत्तता कमजोर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जीरामजी योजना से क्षेत्रीय असंतुलन पैदा होगा और गांवों की वास्तविक जरूरतें प्रभावित होंगी।
प्रेस वार्ता में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि भाजपा की विचारधारा महात्मा गांधी के सिद्धांतों के खिलाफ है। गांधी जी के नाम को हटाना भाजपा की पूंजीवादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ग्रामीण रोजगार, आर्थिक मजबूती और क्रय शक्ति बढ़ाने के पक्ष में नहीं है। कांग्रेस मनरेगा की मूल भावना की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगी।

