राँची नगर निगम में अब तक हुए तीनों चुनावों में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रहा है। यही कारण है कि झारखंड बनने के बाद राजधानी राँची ने अब तक केवल महिला मेयरों का ही नेतृत्व देखा है।
लेकिन इस बार तस्वीर बदलती दिख रही है। आरक्षण व्यवस्था में हुए बदलाव के बाद मेयर की यह सीट अब सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रह गई है। ऐसे में पहली बार राँची नगर निगम के चुनावी मैदान में पुरुष उम्मीदवार भी मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगे।
अब बड़ा सवाल यही है, क्या इस चुनाव में राँची को मिलेगा अपना पहला पुरुष मेयर, या परंपरा एक बार फिर कायम रहेगी?

