हूल विद्रोह के महानायक सिदो-कान्हू की जयंती पर आज हेमन्त सोरेन और कल्पना सोरेन ने राँची के सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि रही है, जहां आदिवासी एवं मूलवासी समुदाय ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सदियों से संघर्ष किया है।
उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू ने अन्याय, शोषण और अत्याचार के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन का नेतृत्व कर समाज को साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह दिन देश के इतिहास में अमिट है और आज भी लाखों लोग उनकी जयंती पर श्रद्धा से नमन करते हैं।
कार्यक्रम में राज्य के वीर सपूतों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया गया। राँची में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

