करमटोली स्थित केद्रीय धुमकुड़िया भवन में शुक्रवार को केद्रीय सरना समिति की ओर से मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बोकारो, गुमला, हजारीबाग, लोहरदगा, कांके, पिठौरिया, लालगुटवा, बोडेया, पतरातू और संग्रामपुर समेत विभिन्न स्थानों से प्रतिनिधि पहुंचे।
समारोह में केद्रीय अध्यक्ष फूलचंद तिर्की ने कहा कि सरना आदिवासियों की धर्म-संस्कृति और परंपरा पर लगातार हमला हो रहा है। कुर्मी समुदाय आरक्षण पर कब्जा करना चाह रहा है, जबकि धर्मांतरित आदिवासी हमारी संस्कृति को कमजोर कर रहे हैं। केद्रीय महिला अध्यक्ष निशा भगत ने युवाओं से बाबा कार्तिक उरांव के आदर्शों पर चलकर समाजसेवा का आग्रह किया।
इस अवसर पर समिति का विस्तार भी किया गया। विकास भगत को केद्रीय उपाध्यक्ष, मुकेश सोरेन को बोकारो जिला उपाध्यक्ष, शास्त्री मुर्मू को केद्रीय उपाध्यक्ष तथा बिगल मुंडा को संरक्षक बनाया गया। समारोह में कई जिलों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

