राजधानी रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय भगवान जगन्नाथ रथ मेला शनिवार को घूरती रथ यात्रा (बहुड़ा यात्रा) के साथ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के माहौल में संपन्न हो गया। हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
सुबह से ही जगन्नाथपुर मंदिर परिसर और मौसीबाड़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना के बाद महाप्रभु के रथ को मौसीबाड़ी से मुख्य मंदिर के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालु पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ भक्ति में लीन दिखाई दिए।
घूरती रथ यात्रा के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और राज्य की खुशहाली की कामना की। यात्रा मार्ग पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात की व्यापक व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रांची का जगन्नाथ रथ मेला झारखंड की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस मेले में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस मेले में धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेले का भी आयोजन किया जाता है, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है।
घूरती रथ यात्रा के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने मूल मंदिर लौट आए, जिसके साथ इस वर्ष का ऐतिहासिक रथ मेला विधिवत संपन्न हो गया।

