झारखंड में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और युवाओं को आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि इस पहल से राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक आधारित ड्राइविंग प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे न केवल रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना पर पिछले कई वर्षों से काम चल रहा था, जो अब साकार हो रही है। यह केंद्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा, जहां प्रशिक्षुओं को सुरक्षित ड्राइविंग, सड़क सुरक्षा नियमों और आधुनिक वाहनों की तकनीकी जानकारी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क सुरक्षा और आधुनिक वाहन तकनीक का उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान बनेगा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि एमओयू से पहले ही राज्य में 10 हजार से अधिक लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि लंबित आवेदनों का जल्द निपटारा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं, ताकि आम लोगों को लाइसेंस बनवाने में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही उन्होंने भारी वाहनों के चालकों के प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वीडन स्थित वोल्वो के प्रशिक्षण केंद्र का अनुभव साझा करते हुए कहा कि विकसित देशों में सड़क सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग होता है। उन्होंने कहा कि झारखंड में भी ड्राइविंग प्रशिक्षण को नई तकनीकों से जोड़ना समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क नेटवर्क तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। ऐसे में प्रशिक्षित चालक और वैज्ञानिक तरीके से दिया गया प्रशिक्षण दुर्घटनाओं को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है और टाटा मोटर्स के साथ यह साझेदारी झारखंड में कुशल चालक तैयार करने, युवाओं को रोजगार से जोड़ने तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।

