राँची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के बीच JPSC-JSSC Reform Manch की सदस्य अमीषा प्रसाद ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को कथित रूप से झूठा बताते हुए छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
अमीषा प्रसाद ने आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने वाले शहबाज आलम को खुली टेबल टॉक की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं, तो संबंधित पक्ष सामने आकर उसके सबूत पेश करे। अमीषा ने अपने खिलाफ दंगा फैलाने और मारपीट के आरोपों से भी इनकार किया।
उन्होंने पुलिस पर बिना नोटिस हिरासत में लेने और पुराने मामलों में फंसाने की कोशिश का आरोप लगाया। मंच ने छात्रों के खिलाफ कथित फर्जी मुकदमे वापस लेने, JPSC-JSSC मामलों की CBI जांच कराने और मुख्यमंत्री से छात्रों से सीधे संवाद की मांग दोहराई। साथ ही मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

