राँची उपायुक्त कार्यालय में सोमवार को पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति विदाई सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने की। समारोह में राँची जिले के आठ शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के दिन ही उनके सभी सेवानिवृत्ति लाभ सौंपे गए। इस दौरान सभी शिक्षकों को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों में श्रीमती पुनम एक्का, श्रीमती सुरेखा कुमारी, श्री युगेश्वर विश्वकर्मा, श्री शिवसागर प्रसाद, श्री शिवनन्दन कुमार, श्रीमती सुनीता चौधरी, सुश्री विभा तिर्की और श्री सिबिलन मड़की शामिल हैं।
उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के दीर्घकालीन सेवाकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान की सराहना की। उन्होंने सभी को अच्छे स्वास्थ्य और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और नई पीढ़ी के निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शिक्षकों से अपने आसपास के गरीब और वंचित बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करने की अपील की।
इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर भी चिंता जताई। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होने और बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल को लेकर सजग रहने की जरूरत है।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री वसीम अहमद एवं जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बादल राज उपस्थित थे।

