राँची में रविवार को मुक्ति संस्था ने रिम्स के शवगृह में रखे 43 लावारिस शवों का जुमार नदी तट पर पूरे विधि-विधान के साथ सामूहिक अंतिम संस्कार किया। जिन शवों का कोई अपना अंतिम विदाई देने के लिए नहीं था, उन्हें संस्था के सदस्यों ने सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी।
संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी, जबकि अंतिम अरदास परमजीत सिंह टिंकू ने की। प्रवीण लोहिया ने बताया कि मुक्ति संस्था अब तक कुल 2,271 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है।
पुलिस की आवश्यक कागजी प्रक्रिया और शवों की पहचान के लिए निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद संस्था इनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी लेती है। संस्था पिछले कई वर्षों से राँची और आसपास के क्षेत्रों में लावारिस शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार करती आ रही है।
इस अवसर पर रवि अग्रवाल, संजय गोयल, परमजीत सिंह टिंकू, आशीष भाटिया, आरके गांधी, सीताराम कौशिक, अमित किशोर, राजा गोयनका, सौरभ बथवाल, अरविंद सिंह, सुमित अग्रवाल, राहुल जायसवाल, राहुल चौधरी, गौरीशंकर शर्मा, अरुण कुटरियार, सुनील अग्रवाल, संदीप पपनेजा, सुदर्शन अग्रवाल और बंटी जुल्का समेत संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

