लगभग दस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रविवार को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन किया गया। राज्यभर में बनाये गये 986 परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। राजधानी राँची में इसके लिए 101 केंद्र बनाये गये थे।

पहली पाली में कक्षा एक से पांचवीं तक के शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि दूसरी पाली में कक्षा छह से आठवीं तक के लिए परीक्षा आयोजित की गयी।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में इससे पहले वर्ष 2012 और 2016 में JTET आयोजित हुई थी। इसके बाद लंबे समय तक परीक्षा नहीं होने के कारण शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को इस पात्रता परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिला। परीक्षा में देरी का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंचा था। न्यायालय के हस्तक्षेप और निर्धारित समय-सीमा में परीक्षा आयोजित करने के निर्देश के बाद प्रक्रिया में तेजी आयी थी। इस मामले में शिक्षा सचिव को अवमानना का नोटिस भी जारी किया गया था।

JTET उत्तीर्ण करना सरकारी शिक्षक बनने की दिशा में एक जरूरी पात्रता है, हालांकि इससे सीधे नियुक्ति नहीं मिलती। अब अभ्यर्थियों को परीक्षा परिणाम और आगे की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार है।

