15 दिनों के अज्ञातवास के बाद भगवान जगन्नाथ ने बुधवार को अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों को दर्शन दिए। नेत्रदान अनुष्ठान के साथ राँची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में वार्षिक रथ यात्रा महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
गुरुवार को भगवान जगन्नाथ भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) के लिए प्रस्थान करेंगे, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। जगन्नाथपुर मेला भी पूरी तरह सजकर तैयार है, जहां झूले, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प और विभिन्न राज्यों से आए व्यापारियों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। 334 वर्षों से चली आ रही यह रथ यात्रा देश की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है।

