राँची के रातू रोड स्थित मधुकम जमीन विवाद मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए वर्षों से रह रहे 12 गैर-आदिवासी परिवारों को राहत दी है। न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत ने महादेव उरांव की अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में पारित कब्जा दिलाने और अतिक्रमण हटाने संबंधी आदेश महत्वपूर्ण तथ्य छिपाकर प्राप्त किया गया था, इसलिए वह कानून की नजर में शून्य है। अदालत ने महादेव उरांव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए चार सप्ताह के भीतर 12 प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये देने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि वर्ष 2019-20 में महादेव उरांव ने इन परिवारों से जमीन पर रहने के लिए समझौते किए थे और लगभग 1.08 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे, लेकिन इसकी जानकारी कोर्ट से छिपाई गई। अदालत ने हेहल के तत्कालीन अंचल अधिकारी को भी बिना स्पष्ट आदेश के ध्वस्तीकरण कार्रवाई शुरू करने पर फटकार लगाते हुए भविष्य में अधिक सतर्क रहने की हिदायत दी।
रातू रोड मधुकम जमीन विवाद: झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 12 परिवारों को राहत | Jharkhand High Court Grants Relief to 12 Families in Madhukam Land Dispute

