24 सितंबर की सुबह जमशेदपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई। मरीन ड्राइव पर बीच सड़क खड़े एक ट्रक से एक कार की टक्कर हो गई और इस दुर्घटना में 4 लोगों की जान चली गई।
दुर्घटना के तमाम कारणों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के समय ट्रक बीच सड़क पर आखिर क्यों खड़ा था?
अगर ट्रक खराब होकर सड़क पर खड़ा था, तो क्या उसमें पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगे थे? क्या इंडिकेटर या पार्किंग लाइट जल रही थी? क्या पीछे से आने वाले वाहन चालकों को यह संकेत मिल रहा था कि आगे एक खराब वाहन खड़ा है?
हमने अक्सर चुटुपालू घाटी में रात के समय सड़क पर इस तरह खड़े ट्रक देखे हैं। 25 सितंबर की रात हम एक बार फिर यह देखने निकले कि रात में सड़कों की स्थिति कैसी रहती है।
आप वीडियो में स्वयं देखिये, रात के अंधेरे में सड़क पर खड़े ये ट्रक कितने बड़े खतरे की वजह बन सकते हैं।
सवाल सिर्फ एक दुर्घटना का नहीं है। प्रश्न है, कि क्या ऐसी दुर्घटनाओं को पहले से रोका जा सकता है?

