झारखंडी भाषाओं के सम्मान में राँची में विशाल भाषा मार्च, बड़ी संख्या में लोगों ने लिया हिस्सा।

जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा बचाओ मोर्चा के आह्वान पर राँची में झारखंडी भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर विशाल भाषा मार्च निकाला गया। मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुआ मार्च अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए भगवान बिरसा मुंडा के समाधि स्थल तक पहुंचा। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षाविदों और भाषा प्रेमियों ने हिस्सा लिया।

राज्य के लगभग 30 कॉलेजों के विद्यार्थी भी शामिल हुए। पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि भाषा किसी समाज की आत्मा और सांस्कृतिक पहचान होती है। मार्च के माध्यम से भाषा नीति लागू करने, भाषा अकादमी की स्थापना, मातृभाषा में शिक्षा और शिक्षकों की नियुक्ति समेत 10 सूत्री मांगें उठाई गईं। मोर्चा ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

