डीएवी कपिलदेव स्कूल की नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न मामले में रांची सिविल कोर्ट ने तत्कालीन प्रिंसिपल एम के सिन्हा को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। AJC अरविंद कुमार की अदालत ने उन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता खुशबू कटारुका और अधिवक्ता शुभम कटारुका ने पक्ष रखा।
दरअसल, मई 2022 में स्कूल की एक महिला नर्स ने तत्कालीन प्रिंसिपल एम के सिन्हा पर यौन उत्पीड़न और अश्लील मांग करने का आरोप लगाया था। मामले को लेकर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। प्राथमिकी के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
बाद में एम के सिन्हा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन पीड़िता ने उन पर जेल से बाहर आने के बाद धमकाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया। इस पर झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट के आदेश को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिलने के बाद उन्हें अदालत में सरेंडर करना पड़ा। इसके बाद उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया था।
मामले के जांच अधिकारी ने जांच पूरी कर 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।

