राजधानी राँची की रिंग रोड आने वाले दिनों में सिर्फ वाहनों के आवागमन का मार्ग नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित होगी। 84 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के किनारे साइकिल चालकों के लिए 40 किलोमीटर लंबा विशेष और सुरक्षित मार्ग विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में विकास, लॉ यूनिवर्सिटी, सुकुरहुटू, झिरी और नगड़ी क्षेत्र को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।
परियोजना के तहत रिंग रोड के दोनों ओर सर्विस रोड के साथ फुटपाथ, हरित पट्टी और सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने कंसलटेंट चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और जल्द ही विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया जाएगा।
रिंग रोड के आसपास बीते कुछ वर्षों में तेजी से शहरी विस्तार हुआ है। नई आवासीय कॉलोनियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या बढ़ी है। सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर विकसित हो चुका है, जबकि दुबलिया में इंटर स्टेट बस टर्मिनल की तैयारी चल रही है। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र में बेहतर बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर तैयार की जा रही इस योजना का उद्देश्य रिंग रोड को अधिक सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद साइकिल चालकों, पैदल यात्रियों और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था से ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

