एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने साझा मार्च निकाला। ‘हर गाँव, हर शहर, जंतर-मंतर’ के नारे के साथ निकाला गया यह मार्च राँची विश्वविद्यालय के गेट से अलबर्ट एक्का चौक तक पहुँचा।

मार्च में शामिल लोगों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की। इसके साथ ही एसआईआर की प्रक्रिया समाप्त करने, मतदाता सूची से हटाए गए सभी नाम दोबारा जोड़ने और चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 में किए गए संशोधनों को रद्द करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र गहरे संकट से गुजर रहा है और पिछले कुछ वर्षों में चुनाव आयोग की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के माध्यम से करोड़ों मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने की आशंका है। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर वोट चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसका विरोध करने वाले युवाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।

मार्च में झारखंड जनाधिकार महासभा, साझा कदम, आदिवासी क्षेत्र सुरक्षा परिषद, आइसा, एआईएसएफ, एसएफआई, सीजीपी, यूनाइटेड मिल्ल्ली फोरम, आदिवासी मूलवासी समन्वय समिति, केंद्रीय सरना समिति और लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान के सदस्य शामिल हुए।

