झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना और विद्यार्थियों को मिल रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ पारदर्शिता के साथ समय पर छात्र-छात्राओं तक पहुंचे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने और रिक्त पदों को जल्द भरने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में हजारों शिक्षकों की बहाली हुई है, लेकिन अभी भी रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है। साथ ही नव नियुक्त शिक्षकों के सभी वेरिफिकेशन कार्य इस माह के अंत तक पूरा कर समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों को शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि बच्चों का रिजल्ट और बेहतर हो सके।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या में कमी आई है और इस मामले में झारखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है। शिक्षा विभाग अभियान चलाकर स्कूल छोड़ चुके बच्चों का दोबारा नामांकन सुनिश्चित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे और शिक्षा से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें स्कूल से जोड़ा जाए। साथ ही सभी सरकारी विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने और आईसीटी लैब को दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया गया।

