चरखा और खादी के संदेश के बीच आउटसोर्स कर्मियों का दर्द, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे कर्मचारी
झारखंड राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के आउटसोर्स कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार, 8 सितंबर 2026 से रातू रोड स्थित उद्योग भवन के बोर्ड परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। महात्मा गांधी ने खादी को आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और स्वावलंबन का प्रतीक बनाया था, लेकिन आज उसी खादी से जुड़े आउटसोर्स कर्मी अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आंदोलन करने को मजबूर हैं।
आउटसोर्स कर्मियों की प्रमुख मांगों में चार महीने से लंबित वेतन का भुगतान, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रिक्त पद को भरना, वर्ष 2017 में स्वीकृत पदों तथा 2019 में मानदेय वृद्धि से जुड़े प्रस्तावों को लागू करना शामिल है। इसके साथ ही 2018 से लंबित मानदेय वृद्धि, सेवा नियमावली, भविष्य एवं सामाजिक सुरक्षा, आउटसोर्सिंग से हटाकर स्थायी समायोजन और समान काम के लिए समान वेतन की मांग भी उठाई गई है।
आउटसोर्स कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

