सौंदर्यीकरण की कीमत हरियाली क्यों?
विकास किसी भी शहर और समाज के लिए जरूरी है, लेकिन यदि इसकी कीमत पेड़ों और हरियाली को खत्म करके चुकानी पड़े, तो यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है। राँची में सहजानंद चौक, हरमू चौक एवं अरगोड़ा चौक के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई है, लेकिन इसके लिए हरमू चौक पर पेड़ों की कटाई की गई, जो कई लोगों को चिंतित कर रही है।
सवाल यह है कि क्या बिना पेड़ काटे चौक का सौंदर्यीकरण नहीं किया जा सकता था? एक तरफ हम बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और पर्यावरण संतुलन बिगड़ने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने पेड़ों को काटकर हम खुद ही प्रकृति को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सोचिए यह भी कि हमारे पूर्वज हमें कैसी हरियाली और प्रकृति देकर गए थे, और हम आने वाली पीढ़ियों को क्या देकर जा रहे हैं?

