“जी चाहता है फिर कोई तुझ से करूँ सवाल,
तेरी ‘नहीं-नहीं’ ने गज़ब का मज़ा दिया।”
— जलील मानिकपुरी
झारखंड में हुए एयर एम्बुलेंस क्रैश में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में जान गंवाने वालों में कई ऐसे थे जो अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद अब तक मुआवजे की घोषणा नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
इससे न केवल सरकार की संवेदनशीलता पर बल्कि संबंधित एयरलाइंस कंपनी की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और स्पष्ट जवाब मिलना बेहद जरूरी है।

