“एक-दो, बीड़ी-सिगरेट छोड़ दो…” के नारों से गूंजा शहर, युवाओं ने दिया तंबाकू मुक्त समाज का संदेश।
राँची की सड़कों पर रविवार को जब “एक-दो, बीड़ी-सिगरेट छोड़ दो, एक-दो, बीड़ी-सिगरेट छोड़ दो” के नारे गूंजे, तो राह चलते लोग ठिठक कर इस अनोखी पहल को देखने लगे। 4/3 मारवाड़ी महाविद्यालय एन.सी.सी. कंपनी द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तंबाकू निषेध जागरूकता रैली एवं एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर साल 31 मई को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
रैली मारवाड़ी महाविद्यालय पुरुष प्रभाग से शुरू होकर महिला प्रभाग, कोतवाली थाना, शहीद चौक होते हुए शहीद अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची और पुनः उसी मार्ग से वापस लौटी। हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां और बुलंद नारों के साथ एनसीसी कैडेट्स लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते नजर आए।
इस अवसर पर मारवाड़ी महाविद्यालय एनसीसी कंपनी के एएनओ डॉ. अवध बिहारी महतो ने कहा, “तंबाकू केवल एक नशा नहीं, बल्कि धीरे-धीरे जीवन को समाप्त करने वाला जहर है। युवाओं को स्वयं इसके प्रति जागरूक होकर अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करना होगा। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। यदि आज हम तंबाकू से दूरी बना लें, तो आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं।”
रैली जहां-जहां से गुजरी, वहां लोगों ने रुककर इसे देखा और एनसीसी कैडेट्स की इस सामाजिक पहल की सराहना की। कई लोगों ने युवाओं के इस प्रयास को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। तंबाकू मुक्त भारत के संकल्प के साथ यह अभियान लोगों के दिलों को छू गया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश देकर संपन्न हुआ।

