जब कोई अपना नहीं आया, तब इंसानियत ने निभाया अंतिम फर्ज….!!
राँची में रविवार को इंसानियत की एक भावुक मिसाल देखने को मिली। मुक्ति संस्था ने रिम्स की मोर्चरी में पड़े 36 अज्ञात शवों का जुमार नदी तट पर पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। ये वे शव थे, जिनकी पहचान नहीं हो सकी और जिन्हें अंतिम विदाई देने कोई परिजन नहीं पहुंचा।
मुक्ति संस्था के सदस्यों ने शवों को मोर्चरी से निकालकर सम्मानपूर्वक जुमार नदी तट तक पहुंचाया। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने सभी अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी, जबकि परमजीत सिंह टिंकू ने अंतिम अरदास की। प्रवीण लोहिया ने बताया कि संस्था अब तक 2189 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कर चुकी है।
इस अवसर पर रवि अग्रवाल, संदीप पपनेजा, हरीश नागपाल, आर.के. गांधी, आदित्य शर्मा, सुमित अग्रवाल, राहुल चौधरी, सीताराम कौशिक, अरुण कुतरियार, संजय गोयल, उज्ज्वल जैन, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, सौरभ बथवाल, अमित अग्रवाल, विजय धानुका, राहुल जायसवाल, राजा गोयनका, पंकज मिढ़ा, कमल चौधरी, बलबीर जैन और मोती सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

