राँची के चुटिया क्षेत्र में आयोजित होने वाला शिव मंडा पूजा एक अनोखा 15 दिवसीय पारंपरिक पर्व है, जो श्रद्धा, तप और साहस का प्रतीक बनकर उभरता है। महादेव मंडा में आयोजित इस अनुष्ठान में भक्त कठिन व्रत और नियमों का पालन करते हुए भगवान शिव की आराधना करते हैं।
इस पूजा के दौरान ‘डगर’ अनुष्ठान, उपवास और ‘फूलखुंदी’ (अंगारों पर चलना) जैसी कठिन साधनाएं की जाती हैं, जो भक्तों की अटूट आस्था को दर्शाती हैं। अंतिम दिन ‘झूलन’ रस्म इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होती है, जिसमें श्रद्धालु बांस के झूले पर लटककर अपनी भक्ति प्रकट करते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान शिव मंदिर परिसर में भव्य मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होता है, जहां स्थानीय लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

