झारखंड में राज्यसभा चुनाव के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू के बयान पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों ने शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट निर्देश था कि गठबंधन उम्मीदवार को ही वोट देना है, जिसका सभी विधायकों ने पालन किया। भोला यादव ने दावा किया कि मतदान के दौरान वे स्वयं पोलिंग एजेंट के रूप में मौजूद थे और सभी विधायकों ने उन्हें अपना मतपत्र दिखाकर मतदान किया।
उन्होंने कांग्रेस प्रभारी के. राजू के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं की बयानबाजी पर नियंत्रण रखना चाहिए। उनके अनुसार, कुछ लोग अपनी राजनीतिक विफलताओं और अंदरूनी समस्याओं को छिपाने के लिए राजद पर आरोप लगाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजद सिद्धांत और विचारधारा की राजनीति करने वाली पार्टी है और किसी भी परिस्थिति में भाजपा का समर्थन नहीं कर सकती।
भोला यादव ने कहा कि राजद के नेता और कार्यकर्ता संघर्ष की राजनीति से निकले हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग जेल जाना और संघर्ष करना पसंद करेंगे, लेकिन भाजपा को वोट देने की कल्पना भी नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर कई गुट सक्रिय हैं और यदि किसी स्तर पर असंतोष है तो उसकी जिम्मेदारी राजद पर नहीं डाली जानी चाहिए।
वहीं, राजद के प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री संजय यादव ने भी कांग्रेस प्रभारी के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजद हमेशा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ने वाली पार्टी रही है और गठबंधन धर्म का पूरी निष्ठा से पालन करती है। संजय यादव ने कहा कि जब-जब कांग्रेस पर संकट आया, तब-तब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। ऐसे में सहयोगी दल पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है।
राज्यसभा चुनाव के परिणाम के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच बढ़ी बयानबाजी ने झारखंड की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

