राँची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में 16 जुलाई को होने वाली रथयात्रा की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। रथयात्रा से एक दिन पहले बुधवार को शाम 4 बजे महाप्रभु जगन्नाथ का नेत्रदान महोत्सव आयोजित होगा। 15 दिनों के एकांतवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा दर्शन मंडप में भक्तों को दर्शन देंगे। इस अवसर पर महाप्रभु का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। उन्हें नए वस्त्र धारण कराए जाएंगे, नेत्रों का अलंकरण किया जाएगा तथा शंख और पद्म धारण कराए जाएंगे। शाम 5 बजे 108 दीपों से महाआरती होगी, जिसके बाद मालपुआ, इलायची दाना, बादाम, आम, कटहल और अनानास का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
गुरुवार को सुबह दैनिक पूजा के बाद दोपहर 2 बजे तक श्रद्धालु महाप्रभु के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद भगवान रथ पर विराजमान होकर मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 5 बजे ऐतिहासिक रथयात्रा शुरू होगी। इस दौरान 501 दंपतियों द्वारा विष्णु सहस्त्रनाम का सामूहिक पाठ भी किया जाएगा।
रथयात्रा को लेकर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। आकर्षक रोशनी से पूरा मंदिर जगमगा रहा है। मंगलवार देर रात तक कलाकार रथ को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है और बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।

