झारखंड में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, महिला एवं बाल सुरक्षा और लंबित मामलों के निष्पादन पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी सहित सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिलों के एसएसपी व एसपी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को समय पर न्याय मिल सके।
सीएम ने डायल 112 सेवा की समीक्षा करते हुए आपातकालीन कॉल पर पुलिस की प्रतिक्रिया को और तेज एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही POCSO जैसे संवेदनशील मामलों में सख्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदा बच्चों के मामलों को प्राथमिकता देने, एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में तेजी लाने और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के पुनर्वास और उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के समयबद्ध भुगतान पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने CPGRAM के तहत दर्ज शिकायतों के त्वरित निपटारे पर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

